पुरस्कार समारोह के चित्र प्राप्त करने के लिए यहां पर क्लिक करें!

पुरस्कार सम्बंधी नियम एवं शर्तें

1. प्रविष्टियाँ ‘राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान’, उ0प्र0, लखनऊ को दिनांक 25 नवम्बर 2013 तक प्राप्त हो जानी चाहिए।

2. प्रविष्टियाँ उत्तर प्रदेश राज्य के वही कर्मचारी/अधिकारी भेज सकते हैं, जो नियमित सेवा में हों या जिनकी सेवा कम से कम तीन वर्ष हो गयी हो। इस सेवा में संविदा, दैनिक भोगी एवं कार्य-प्रभारी कर्मचारी/अधिकारी के रूप में की गयी सेवा सम्मिलित नहीं होगी। कर्मचारी की मौलिक नियुक्ति, स्थायीकरण, नियमितीकरण या तीन वर्ष या अधिक अवधि की लगातार सेवा के सम्बंध में सेवायोजक के हस्ताक्षर से जारी प्रमाण-पत्र या कोई अन्य सत्यापित आदेश संलग्न किया जाना चाहिए।

3. पुस्तक में प्रकाशन वर्ष अंकित होना चाहिए एवं उक्त मौलिक/प्रकाशित पुस्तकाकार कृति का प्रथम संस्करण पिछले चार वर्ष के अन्दर प्रकाशित होना चाहिए। यदि किसी पुस्तक का द्वितीय संस्करण निकाला गया है, तो यह प्रमाणित किया जाना चाहिए कि इस संस्करण में कम के कम 60 प्रतिशत सामग्री मौलिक है।

4. प्रविष्टि का प्रारूप 6 प्रतियों में प्रेषित किया जाय, तदनुसार पुस्तक की 6 प्रतियाँ भेजी जानी चाहिए। यदि पुस्तक की प्रतियाँ कम हों, तो कम से कम दो प्रतियाँ अवश्य प्रेषित की जायँ।

5. प्रारूप के सभी स्तम्भ पूरे भरे होने चाहिए। साहित्यकार द्वारा देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली उत्तर प्रदेश की भाषाओं/बोलियों या उर्दू भाषा (फारसी लिपि) में दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा होनी चाहिए या इन्हीं भाषाओं/बोलियों में कृति प्रकाशित होनी चाहिए। देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली प्रदेश की भाषाओं/बोलियों में दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा के लिए दो पुरस्कार (एक गद्य एवं एक पद्य), उर्दू भाषा (फारसी लिपि में) दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा हेतु एक पुरस्कार (गद्य या पद्य), देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली उत्तर प्रदेश की भाषाओं/बोलियों में गद्य की दो एवं पद्य की दो कृतियों हेतु दो-दो पुरस्कार तथा उर्दू भाषा (फारसी लिपि में) रचित मौलिक गद्य या पद्य की एक कृति के लिए एक पुरस्कार अर्थात कुल आठ पुरस्कार प्रदान किये जाने हैं। इन सभी पुरस्कारों की धनराशि रु0 51-51 हजार होगी।

6. इस सम्बंध में यदि कोई जानकारी प्राप्त करनी हो, तो सचिव, पुरस्कार समिति, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उ0प्र0, लखनऊ से मोबाईल नं0: 9919281002 से प्राप्त की जा सकती है।

7. राज्य कर्मचारियों/अधिकारियों से प्रविष्टियाँ प्राप्त करने के लिए इस सूचना का प्रकाशन दैनिक राष्‍ट्रीय सहारा, लखनऊ, दिनांक 06 अक्‍टूबर 2013 में प्रकाशित वर्गीकृत विज्ञापन में किया गया है। उक्त प्रारूप एवं शर्तें प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को साधारण पत्र द्वारा भी भेजी गई हैं।

8. सचिव, पुरस्कार समिति को पता लिखा, टिकट लगा लिफाफा भेजकर प्रारूप एवं शर्तें दिनांक 10 नवम्‍बर 2013 तक मंगायी जा सकती हैं। परन्तु प्रत्येक दशा में प्रविष्टि दिनांक 25 नवम्बर 2013 तक संस्थान को प्राप्त हो जानी चाहिए। प्रारूप एवं शर्तें संस्थान की वेबसाइट http://sansthan.blogspot.com/ (Window XP पर उपलब्ध) से भी प्राप्त की जा सकती हैं।

9. प्रविष्टि स्वीकार या अस्वीकार किये जाने तथा पुरस्कार दिये जाने के सम्बंध में अन्तिम निर्णय पुरस्कार हेतु गठित समिति द्वारा लिया जायेगा। पुरस्कार हेतु चयनित साहित्यकारों को पत्र द्वारा सूचना प्रेषित की जाएगी। इस सम्बंध में समाचार-पत्रों में भी प्रकाशनार्थ विज्ञप्ति प्रेषित की जाएगी।

10. संस्थान द्वारा निर्धारित शर्तें, यदि पूरी नहीं की जाती हैं, तो प्रविष्टि भेजने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी होगी। किसी भी बिन्दु को सचिव, पुरस्कार समिति से दूरभाष पर स्पष्ट कराया जा सकता है।

11. कार्यालय के पते पर जो पत्र भेजे जाएं, वे भारत सरकार के पोस्ट एवं टेलीग्राफ विभाग के माध्यम से भेजे जाएं, कूरियर से न भेजे जायँ।

डॉ. दिनेश चन्‍द्र अवस्‍थी,
महामंत्री
चलायमान सं0- 9919281002